Saturday, October 13, 2018

उर्वरको की शुद्धता की पहचान कैसे करे ?

नकली एवं मिलावटी उर्वरको की पहचान कैसे करे ?


खेती करने वाले किसानो के लिए खाद एक महत्वपूर्ण सामग्री होती हैं जो की फसल कैसी बनेगी इसका निर्धारण करती हैं अतः किसानो को इस बात को सुनिश्चित कर लेना चाहिये की वह जो खाद खरीद रहे हैं, वह कही नकली या मिलावटी तो नहीं हैं ?
खेती में प्रयोग में आने वाली महंगी सामग्री में खाद भी एक प्रमुख्य घटक होता हैं।
जब खरीफ एव रवि का मौसम होता हैं उस समय किसानो को खाद की जरुरत पड़ती हैं साथ ही बाजार में उसकी माँग भी बहुत अधिक बढ़ जाती हैं जिसका लाभ उर्वरक निर्माता कंपनियां तथा विक्रेताओं द्वारा नकली खाद बनाने एवं बाजार में उतारने की कोसिस शुरू हो जाती हैं।जिसका सीधा प्रभाव किसानो पर पड़ता हैं। नकली और मिलावटी खाद को बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार समय समय पर कदम उठाती हैं किन्तु वह इसमें पुर्णतः रोक लगाने में नाकाम रहती हैं, जिसका नुकसान सीधे किसान को उठाना पड़ता हैं ,अतः यह आवश्यक हो जाता हैं कि किसान स्वम् खाद की गुणवत्ता को खरीददारी करते समय परखे जैसे वे दूध की शुद्धता को उंगुली से टपकाकर कर लेते हैं।
बाजार में मुख्यतया प्रचलित खादों में से डी.ए. पी. ,ज़िंक सल्फ़ेट , यूरिया , तथा म्यूरेट ऑफ़ पोटाश को नकली/ मिलावटी रूप में बाजार में उतारा जाते हैं। अतः यह आवश्यक हो जाता हैं कि किसान अपने स्तर पर सामान्य विधियों से उनकी जाँच कर सुनिश्चित कर लेना चाहिए और अगर उर्वरक नकली पाया जाता हैं तो इसकी पुष्टि किसान सेवा केन्द्रो पर उपस्थित टेस्टिंग किट से कर लेना चाहिए ।
टेस्टिंग किट किसान सेवा केन्द्रो पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं, ऐसी स्थिति होने पर कार्यवाही हेतु इसकी सूचना जनपद के उप कृषि निदेशक / जिला कृषि अधिकारी की दी जा सकती हैं।

उर्वरको की जाँच निम्न प्रकार से करे :

यूरिया की पहचान विधि - 


1. यह सफ़ेद चमकदार,गोल दाने होते हैं
2. पानी में पूरी तरह से घुल जाता हैं और छूने पर बहुत ही ठंडे महशूस होते हैं।
3. गर्म तवे पर रखने से पिघल जाता हैं और आंच तेज करने पर कोई अवशेष नहीं बचता हैं।

डी.ए. पी. पहचान विधि - 


1. सख्त दानेदार,भूरा काला, बादामी रंग आसानी से नाखूनों से नहीं छूटता ।
2. डी.ए. पी. के दानो को लेकर उसमे चूना मिलकर तम्बाकू की तरह मलने पर उसमे बहुत ही तीखी गंध आती हैं जिसे सूंघना बहुत ही असहनीय होता हैं।
3. तवे पर धीमी आंच में गर्म करने पर दाने फूल जाते हैं।

ज़िंक सल्फ़ेट की पहचान विधि - 


ज़िंक सल्फ़ेट में मैग्नीशियम सल्फ़ेट प्रमुख्य मिलावटी रसायन हैं । भौतिक रूप से समानता के कारण इनमे पहचान कठिन होती हैं।
डी.ए. पी. के घोल में ज़िंक सल्फ़ेट को मिलाने पर थक्केदार अवक्षेप बन जाता हैं जबकि मैग्नीशियम सल्फ़ेट के साथ ऐसा नहीं होता ।
ज़िंक सल्फ़ेट के घोल में पतला कास्टिक का घोल मिलाने पर सफ़ेद मटमैला मांड जैसा अवक्षेप बन जाता हैं ,जिसमे गाड़ा कास्टिक का घोल मिलाने पर अवक्षेप पूर्णतया घुल जाता हैं ।यदि ज़िंक सल्फ़ेट की जगह मैग्नीशियम सल्फ़ेट हैं तो अवक्षेप नहीं घुलेगा।

पोटाश खाद की पहचान विधि -



1. सफ़ेद कणाकार, पिसे नमक तथा लाल मिर्च जैसा मिश्रण होता हैं।
2. ये कण नम करने पर आपस में चिपकते नहीं हैं।
3. पानी में घोलने पर खाद का लाल भाग ऊपर तैरने लगता हैं।

सुपर फॉस्फेट की पहचान विधि -


इस दानेदार उर्वरक को यदि गर्म किया जाये तो इसके दाने फूलते नहीं हैं जबकि डी.ए. पी. और अन्य काम्प्लेक्स के दाने गर्म करने पर फूल जाते हैं ।


उम्मीद करता हूँ की ये जानकारी आपके काम आएगी और आप असली खाद एवम् नकली खाद की पहचान कर सकेंगे ।


इन्हें भी देखे -
1.पशु आहार -

https://krishidhandha.blogspot.com/2018/10/cattle-feed.html?m=1

2. एलोवेरा की खेती -
https://krishidhandha.blogspot.com/2018/09/blog-post_24.html

3.मशरुम की खेती - https://krishidhandha.blogspot.com/2018/10/mushroom-cultivation.html




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