Wednesday, October 3, 2018

मशरुम की खेती mushroom cultivation



हैलो, मै आपका दोस्त आज लेकर आया हूँ मशरुम की खेती से जुड़ा हुआ लेख इस लेख में,मै आपको को मशरुम की खेती से जुडी वह सारी जानकारी देने की कोशिस करूँगा जो हमेशा मशरुम की खेती करने वालो की समस्या होती हैं, आज हम इस लेख के माध्यम से जानेगे कि घर से हम कम से कम इन्वेस्टमेंट के साथ कैसे आसानी से मशरुम की खेती शुरू कर एक छोटा bussinesss स्टार्ट कर सकते हैं।

चलिये दोस्तों जानते है एक एक करके उन सारी बातो को जो हमे विशेष तोर पर मशरुम की खेती करने के समय ध्यान रखनी चाहिए। 

मशरुम क्या हैं ?


हमे मशरुम की खेती से पूर्व मशरुम के बारे में जान लेना बेहद जरुरी होता हैं क्योकि जब तक हमें मशरुम के बारे में ही नहीं पता होगा तो  आप अच्छी से देखभाल नहीं कर पाएंगे जो की बेहद जरुरी हैं।
मशरुम एक प्रकार की फंगस होती हैं जो सामान्यतः कही भी उग जाती हैं,हम जो मशरुम उगाते हैं वह बटन मशरुम होती हैं जो की हानिकारक नहीं होती हैं बल्कि बहुत की लाभदायक एवम् पौष्टिक होती हैं ।मशरुम प्रोटीन , विटामिन,मिनरल और फोलिक एसिड से भरपूर होता हैं जिसके कारण इसकी बाज़ार में बहुत अधिक मांग होती हैं साथ ही यह लौह तत्व की उपस्तिथि के कारण एनीमिया रोगियो के लिए भी उपयुक्त होती हैं।


कौन सी मशरुम की खेती करे ?

A) बटन मशरुम
B) ढिंगरी मशरुम(oyster mushroom)
C) पैडी स्ट्रॉ मशरुम
ये तीनो प्रकार की मशरुम की खेती मुख्यतः की जाती हैं इनकी खेती छोटे स्तर से लेकर बड़े स्तर तक की जाती हैं।

मशरुम को बेचने के लिए बाजार :

मशरुम की सबसे अधिक मांग chinase food resturant एवम् होटल में  होती हैं इसके साथ ही इसकी मांग क्लब और घरो में भी होती हैं। बड़ी बड़ी सिटी में मशरुम को सब्जी की दुकान पर भी बेचा जाता हैं इसके साथ ही मशरुम की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी अच्छी मांग ह अतः हम इसे एक्सपोर्ट भी कर सकते हैं।

मशरुम की बुबाई का सही समय :

मशरुम की बुबाई के लिए उपयुक्त समय अक्टूबर -मार्च तक होता हैं
इसके बुबाई के समय तापमान 22 से 26 डिग्री सेन्टीग्रेट होना चाहिए तथा वृद्धि के लिए 14 -18 डिग्री सेन्टीग्रेट होना चाहिए जिससे कवक की वृद्धि अच्छी तरह से होती हैं।

मशरुम उगाने के लिए कम्पोस्ट तैयार करना:


मशरूम की कम्पोस्ट अच्छी तरह से बनाना चाहिए जो की पूर्णतः रोगाणु रहित होना चाहिए ।इसके लिए गेहू के भूसे का प्रयोग भी किया जाता हैं जिसे गर्म करके रोगाणु मुक्त किया जाता हैं इसके लिए अन्य रसायन भी प्रयोग किये जाते हैं। 
मशरूम को रैक पर लगाने के लिए कम्पोस्ट को 6 से 8 इंच मोटी परत बिछाते हैं और मशरुम को पॉलीथिन में लगाने के लिए कम्पोस्ट को मशरुम स्पान की बीजाई के बाद भरते हैं, थैली में थोड़ी थोड़ी दूर पर छेद कर दिए जाते हैं जिससे मशरुम की मायसेलियम
वृद्धि कर सके।

मशरुम की बीजाई या स्पानिंग :


मशरुम के बीज को स्पान कहते है जिससे मशरुम बनता हैं ,मशरुम की गुणवत्ता एवं उत्पादन दोनों स्पान की गुणवत्ता पर निर्भर करता हैं अतः हमें मशरुम स्पान या बीज को किसी अच्छी दूकान या निकटम कृषि के सम्बंधित संस्थान से खरीदना चाहिए और साथ ही इस बात का विशेष तोर पर ध्यान रखना चाहिए की मशरुम बीज स्वास्थ्य और रोग मुक्त होना चाहिए।

मशरुम की बीजाई तीन प्रकार से की जाती हैं :

A) परतो के रूप में layers me : पॉलीथिन में मशरुम को परत दर परत पूरी पॉलीथिन में भर दिया जाता हैं प्रथम परत स्पान से शुरू करके अंतिम परत कम्पोस्ट की होती हैं
B) surface पर : मशरुम को अगर रैक पर लगाते हैं तो मशरुम स्पान को 3 से 5 सेंटीमीटर कम्पोस्ट को अच्छी तरह से मिला लिया जाता हैं।
C) बिखेर कर : कम्पोस्ट में बीज को अच्छी तरह से मिला दिया जाता है इसके लिए एक बोतल स्पान 35 kg कम्पोस्ट को 0.75 sq.mt.area  के लिए पर्याप्त होता है । इसमें स्पान और कम्पोस्ट का अनुपात .5% होना चाहिए।

इसके बाद थैलियो को 2% फॉर्मेलिन छिड़क देते हैं और रूम का तापमान 18 डिग्री सेन्टीग्रेट के पास रखते हैं और नमी 90 % से अधिक होना चाहिए।

फसल के उगने का समय : 

मशरुम की बीजाई के बाद 30 से 35 दिन में फसल या कवक जाल पूरी तरह फेल जाता है और मशरुम की बटन पूरी तरह कसी हुई तो फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है ,एक फसल चक्र 8 से 10 सप्ताह का होता हैं।
फसल तैयार हो जाने के बाद बटन को साफ हाथो से या फिर चाकू की सहायता से तोड़ लिया जाता हैं। इस प्रकार एक फसल चक्र में हमे औसत 10 kg मशरुम प्रति sq meter एरिया से प्राप्त होता है।

विशेष रूप से ध्यान रखने योग्य बाते :

1.मुसरूम की खेती के दौरान इसमें हानिकारक कवक के उगने का बहुत अधिक खतरा रहता है आठ समय पर लगने बाले रोग के लिए कीटनाशक का छिड़काव करते रहना चाहिए।
2. कवक की बृद्धि के लिए पर्याप्त मात्रा में नमी हमेसा बानी रहना चाहिए अतः समय पर सिचाई करते रहना चाहिए।
3.मशरुम की अच्छी वृद्धि के लिए आवश्यक तापमान हमेशा बनाकर रखना चाहिए।
मशरुम की खेती कम लागत में अधिक लाभ देने वाली फसल है अगर इससे उचित प्रकार से किया जाये तो।

नोट : आपको इस लेख में दी गई जानकारी किसी लाभ या हानि के लिए जिम्मेदार नहीं हैं ।मशरुम की खेती करने के लिए इस से संबंधी संस्थान से ट्रेनिंग लेकर एवम् स्वयं से जानकारी प्राप्त करके शुरू करे।

2 comments:

Unknown said...

Can we have mushroom growing in English as well

R.k. Gour said...

You also read in English by using google translater that's inbuilt in our website

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