Saturday, November 24, 2018

Soil testing/मृदा परीक्षण

मृदा परीक्षण से जाने मृदा का स्वास्थ्य


परिचय

मृदा परीक्षण, मृदा की एक जाँच होती हैं जो कि मृदा के स्वस्थ्य के बारे मे बताती हैं इस से हमें मृदा में उपस्थित पोषक तत्वों, सूक्ष्म जीवो, मृदा पी.एच., मृदा की रासायनिक एवं भौतिक दशा आदि के बारे में बहुत सारी जानकारी मिलती हैं। मृदा परिक्षण के बाद हमें मृदा में प्रयोग किये जाने उर्वरकों आदि के बारे में निर्णय लेने में आसानी होती हैं एवम् अतिरक्त खर्च भी नहीं होता और आवश्यकता अनुसार उर्वरकों के प्रयोग से मृदा की दशा भी ठीक रहती हैं।
अगर हम मृदा परीक्षण नहीं कराते तो हमारा आर्थिक नुकसान तो होता ही हैं साथ ही मृदा की दशा भी बिगड़ती हैं और उत्पादन भी गिरता हैं।

मृदा परीक्षण कराने के लिए आप इनसे संपर्क करे -

1.मृदा परीक्षण के लिए आप अपने गांव के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी/ ग्राम सेवक से संपर्क कर सकते हैं और अपना मृदा परीक्षण करा सकते हैं।
2.आप अपने ब्लाक में कृषि विभाग में संपर्क कर सकते हैं।
3.प्रत्येक जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में जा कर अपनी मृदा का परीक्षण करा सकते हैं।

खेत से मृदा नमूना लेने का तरीका -

मृदा परीक्षण के लिये मृदा नमूने की आवश्यकता होती हैं इसे निम्न प्रकार लेते हैं-
1.खेत का चुनाव कर,खेत में कई जगह से मृदा को इकट्ठा करते हैं। मिट्टी लेते समय ध्यान रखना चाहिए की मृदा मेड़ और पेड़ो के पास से नहीं लेना चाहिए।
2.खेत से मिट्टी लेते समय ऊपरी परत को हठा लेते हैं।
3.खेत से मिट्टी एगर नामक यंत्र से लेते हैं लेकिन ये यंत्र न होने पर हम इसे खुरपी या कुदाली से V आकार का गड्डा कर 15 CM गहराई से लेते हैं।
4.पुरे खेत में से लगभग 10 से 15 जगहों से मिट्टी को इकट्ठा कर लेते हैं।
5.मिट्टी से सारे कंकड पत्थर और फसल अवशेष अलग कर लेते हैं
6.अब मिट्टी को एक प्लास्टिक शीट पर फेला लेते हैं और उस पर एक गुणा का निसान (×) लगाते हैं फिर कोई दो आमने सामने के भागो को हटा देते हैं और शेष को अलग कर फिर से शीट पर फेला देते हैं। फिर से इसी प्रकार का निशान लगाते हैं और इस बार उस तरफ के भाग को अलग करते हैं जिन्हें पिछले बार हटाया था यही प्रक्रिया तब तक दोहराते हैं जब तक नमूना 500 ग्राम बचे।

7.अब मृदा नमूने को एक प्लास्टिक बैग में रख कर उसका मुँह रबर बैंड से बांध देते हैं और उसमे एक पर्ची रख देते हैं जिसमे किसान और खेत की जानकारी होती हैं।

मृदा परीक्षण के बाद हमें एक मृदा स्वास्थ्य कार्ड देते हैं जिसमे मृदा में उपस्थित पोषक तत्वों की मात्रा होती हैं। मृदा की अम्लता और क्षारीयता एवं सूक्ष्म जीवो की उपस्थित को बताया जाता हैं साथ ही कितनी किस तत्व की मात्रा डालना हैं आदि की भी कृषि विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसा की जाती हैं।

मृदा परीक्षण के चार्जेस -

1.मैक्रो तत्व (नाइट्रोजन, सल्फर, पोटाश, पीएच और विद्युत चालकता) 5 रुपये / सामान्य किसान के लिए और  3 रूपये / एससी / एसटी किसान के लिए ।
2.सूक्ष्म तत्व (प्रयोगशाला में कैथोडलैम्प की क्षमता के आधार पर 12) 40 रूपये/ सामान्य किसानों के लिए और 30 रूपये / एससी / एसटी किसानों के लिए।
(डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मर वेलफेयर & एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के अनुसार)

म.प्र. के मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएं हैं जहां प्रमुख
पोषक तत्वों का विश्लेषण किया जा सकता है।

1 पवारखेड़ा
2 भोपाल
3.सिहोर
4 उज्जैन + उज्जैन (मोबाइल)
5 मंदसौर
6 धार + धार (मोबाइल)
7 खरगोन
8 खांडवा
9 बालाघाट
10 छिंदवाड़ा
11 नर्सिंगपुर
12 सागर
13 नवागांव + नवागांव (मोबाइल)
14 रीवा + रीवा (मोबाइल)
15 मोरेना

मृदा सर्वेक्षण प्रयोगशालाएं जिनमें मृदा परीक्षण सुविधाएं हैं: -

 मृदा सर्वेक्षण प्रयोगशाला

1 जबलपुर
2 इंदौर
3 ग्वालियर
4 सागर
5 नवागांव (छतरपुर)
6 रीवा
7 खंडवा।
(डिपार्टमेंट ऑफ़ फार्मर वेलफेयर & एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के अनुसार)

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